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स्वयं विधिक मंडल पूर्णिया एवम शाम की पाठशाला ने चलाया एक दिवशीय विधिक जागरूकता कार्यक्रम।

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स्वयं विधिक मंडल पूर्णिया और शाम की पाठशाला के संयुक्त तत्वाधान में एक दिवसीय विधि जागरूकता शिविर और स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम कस्बा थाना अंतर्गत मोहनी पंचायत के अनुसूचित जनजाति और अनुसूचित जाति टोला में किया गया।  जिसका विधिवत उद्घाटन अधिवक्ता शशि रंजन कुमार, आस्था ,मेघा , ग्रामीण आवास पर्यवेक्षक राहुल बोसाक, गोल्डमेडलिस्ट डॉक्टर ब्यूटी रूबी ,आवास सहायक अजय एवम वार्ड सदस्य मनोज यादव ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। कार्यक्रम दो सत्र में चलाया गया,  प्रथम सत्र में डॉ ब्यूटी रूबी के द्वारा टोले के 50 असहाय महिलाएं और पुरुषों को कंबल वितरण किया गया, कंबल वितरण उपरांत महिलाओं और पुरुषों को स्वास्थ्य से संबंधित बातो की जानकारी देते हुए कही की ठंड के समय सभी लोगो को अपने बुजुर्गो और बच्चो को अच्छे से देख भाल करने की बात कहते हुए कई एक्यूप्रेशर चिकित्सा के प्वाइंट को बताते हुए इलाज करने की जानकारी दी जिससे की लोग घर में ही अपना इलाज कर सके।   दूसरे सत्र में एक दिवसीय विधिक जागरूकता शिविर की शुरुआत स्वयं विधिक मंडल के सदस्य...

निरक्षरता का कलंक जेल तक

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वकालत में आने से पहले कई स्तर पर शाम की पाठशाला के माध्यम से प्रौढ़ शिक्षा पर काम कर चुका था, मैं,  गांव गांव जब शिक्षा जागरूकता कार्यक्रम चला रहा था, जिसमे जमुई,मोतिहारी,सीतामढ़ी ,मुजफ्फरपुर,पूर्णिया,कटिहार,किशनगंज,अररिया, भागलपुर एवम अन्य कई जिलों में शिक्षा जागरूकता कार्यक्रम शाम की पाठशाला माध्यम से कर चुका था मैं। फोटो - आदिवासी इलाके में शिक्षा जागरूकता  पूर्णिया  पूर्व मुख्यमंत्री स्व भोला पासवान शास्त्री जी के परिजनों के बीच शाम की पाठशाला। फोटो सीतामढ़ी आदरणीय ऋतु जायसवाल जी उद्घाटन करती हुई। तभी अनपढ़ होना गांव वाले अभिश्राप मानते थे, और मारपीट और अन्य कारण शिक्षा का अभाव मानते,  फिर जब जेल /सुधारगृह में पहली बार जेल सुधार अभियान कार्यक्रम चलाया ,जिसमे राष्ट्रपति पुरस्कृत श्री मिथिलेश राय जी का, अक्षय शर्मा जी का जेल अधीक्षक ई जितेंद्र सर का  भरपूर सहयोग मिला,  उस समय में भी देखा जो जेल के अंदर बंद है उसमे से आधे से ज्यादा ग्रामीण परिवेश से थे और सीधे तौर पर उन्हे अनपढ़ कहा जा...

कचहरी कोर्ट में अनपढ़ का कलंक

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एक दिन एडीजे पंचम महोदय के कोर्ट रूम से बाहर निकल रहा था, तभी एक बुजुर्ग उम्र करीब 55 या 60 का होगा, बारिश के कारण बदन पर प्लास्टिक लपेटे हाथो में कागज लिए , पुलिस वालो से कुछ लिखने का फरियाद कर रहे थे, पुलिस अपनी ड्यूटी के कारण समय नहीं दें पा रहे थे, उसी समय एक सीनियर के अधिवक्ता को देख  पुलिस वालो ने झटपट  सीनियर के पास कागज बढ़ा दिए लिखने को ,लेकिन सीनियर अधिवक्ता केस के सिलसिले में काफी व्यस्त होने के कारण, वहां से चल दिए, फिर वो पुलिस वाला बुजुर्ग व्यक्ति को कागज दें दिए, मैं ये सब देख ही रहा था, तभी उस बुजुर्ग ने मेरे तरफ देखा, मैने उन्हे एक शांत जगह ले गया,और समस्या पूछा उसने कहा साहब "हम अनपढ़ है, मेरा केस न O साहब ने लिख कर दिया है", आप उसे मेरे इस कागज पर लिख दें, मेरे वकील साहब बारिश के कारण अभी नहीं आ पाए है, हम पढ़े लिखे रहते तो अपने से लिख लेते, कोई हम सबों को पढ़ाया ही नहीं। मैंने भी मुस्कुराते हुए उनका काम कर दिया,  और सोचने लगा।  मैं जो शाम की पाठशाला के माध्यम से प्रौढ़ शिक्षा ग्रामीणों के लिए चला रहा हूं, सही मायने में जरूरी है, कई लोगो को अक्षर ...

श्रीमती आशा देवी गांव की रात्रि पाठशाला की प्रथम शिक्षिका ने प्रशांत किशोर जी का तिलक लगा कर स्वागत किया।

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मेरी माताजी श्रीमती आशा देवी  (गांव की रात्रि पाठशाला की पहली शिक्षिका )  प्रशांत किशोर जी के पदयात्रा कार्यक्रम का पदयात्रा  प्रथम बार अपने गांव में आने पर सम्मान और आशीर्वाद स्वरूप शॉल और तिलक लगा कर की, माता जी के साथ ही साथ गांव के समस्त लोग फूल माला से स्वागत किए, वैशाली लोकसभा और पारू विधान सभा में  आदरणीय प्रशांत किशोर जी को लोगो का जिस कदर प्यार मील रहा है , वो अपने आप में चकित करने वाला है, ग्रामीणों का इतना हुजूम और इनकी टीम काफी मेहनत कर रही है। साथ में बड़ा सा चूकिया लेकर चल रहे है, बस उसमे सुझाव पत्र ही आप डाल सकते है।

पश्चिम चंपारण थारू जनजाति क्षेत्र में भ्रमण

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बिहार के पश्चिम चंपारण का भ्रमण :- थारू जनजातीय समुदाय से मिलना भी एक सुखद अनुभूति रही, मेरे कई कामों में सामाजिक कार्य भी एक है। पटना से टीम के साथ पश्चिम चंपारण के बगहा अंतर्गत कई जगहों पर भ्रमण के दर्मियां जनजातियों समुदाय से भी मिलना रहा,जिन्हे मैं बिहार के अलग अलग जिलों में भी देखा हूं, और उनकी संस्कृति को राष्ट्रीय स्तर पर भी ले गया हूं, पर एक खास जनजाति समुदाय के बारे में सिर्फ पढ़ा था,सुना था ,थारू समुदाय के बारे में,उनसे कभी मिला नही था। नाम पूछने पर नेपाली महतो बताए, मैं चौक गया, महतो टाईटल सब नाम के साथ जोड़ते है, अक्सर बिहार में कई जातियां महतो नाम के साथ लगाते है। खरवार जनजातीय समुदाय भी कई जगहों पर महतो लगाते है। पर ये खरवार समुदाय से नही थे, ये थारू समुदाय से है, इनकी वेश भूषा भी अन्य जनजातीय समुदाय से अलग शहरीकरण में ढल हुई थी, इनका विस्तार नेपाल और भारत के बीच जंगलों के तराई क्षेत्र में है। वो बताते है की  शादी का विस्तार अन्य जिलों में हम सब नही किए है। नेपाल में शादी होती है। रंग रूप भी नेपाल के लोगो जैसा ही मिलता जुलता था, ...

गांव में बैडमिंटन और ओलंपिक का सपना

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गांव में हूं ,ये जनवरी का महीना है,ठंड काफी है,बिहार के मुजफ्फरपुर जिले से 20km दूर रामकृष्ण दूबियाही गांव है,  मुझे शहर के व्यस्त जिंदगी में काम काम के चक्कर में हमेशा मोटरसाइकिल से ही घूमना होता है, जब भी गांव आता हूं, आस पास सब जगह पैदल ही घूमता हूं, ताकि गति बनी रहे,  वैसे ही एक शाम घर से कुछ दूर निकल कर घूम रहा था, आस पास के बच्चो में कोतुहल और हलचल थी,  मेरे मन में भी जिज्ञासा थी,मैं भी शामिल हो गया, मुझे युवा मन बहुत पसंद है, गांव में बच्चे मुझे अंकल जी से संबोधन करते है..... शहर की जिंदगी में लोग अपने में ही रहते है, कोई दूर दराज से कमाने आते है,और रिश्ते नाते सब गांव में ही रह जाते है, शहर की जिंदगी में कुछ कमरे में रहिए ,और बगल के परोसी अच्छे मील गए तो,भगवान मील गया,नही तो ..... कोई आपको रिश्ते नमो से नही बुलाने वाला, कोई फर्क नही की आपकी उम्र कितनी है,सब आपको एक ही तराजू में रखेंगे। "हम बात कर रहे गांव में कई रिश्ते आ जाते है, और आप तुरंत ही किसी के चाचा, दादा, नाना,मामा,देवर,जेठ, ससुर और न जाने क्या क्या बन जाते है। "   .......…....      बच...

लॉ स्टूडेंट्स का बिहार बार काउंसिल में पंजीकरण

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कई लॉ स्टूडेंट्स को बार काउंसिल में अपना पंजीकरण के आवेदन के लिए जिज्ञासा बना रहता है, आपको बता दें, पटना पहुंचे ही इनकॉमटेक्स गोलंबर के पास उतर कर पटना हाई कोर्ट गेट 5 पर चले जाए,किसी से पूछेंगे बता देगा। Fee बार काउंसिल उम्र और जातिगत आरक्षण अनुरूप फ्री लेती है। अगर आप 35 साल के आस पास है, जेनरल और पिछड़ा वर्ग2 में आते है तो आपको सभी चालान एक साथ 24700 लगेंगे, इसी तरह अन्य वर्गो को चालान में छूट दी गई है। कार्यालय के काउंटर में जा कर बताने पर उसी अनुरूप आपको चालान रशिद दिया जाएगा,  चालान रशिद को भवन के ही नीचे पंजाब नेशनल बैंक में जमा कर दें,  प्राप्त रशिद को पुनः काउंटर पर उन्ही मैडम को दें जिन्होंने आपको चालान रशिद दी थी, रशिद एक एक प्रति आपको देते हुए आपको आवेदन फॉर्म सीडी सहित 2 रशिद काट कर देगी,  किसी एक वकील के माध्यम से फॉर्म भर लीजिए,  खर्च वकील के उपर है वो आपसे कितना लेंगे। आवेदन फॉर्म के साथ  1- मैट्रिक का मार्कशीट + मूल प्रमाण पत्र। 2- ग्रेजुएशन का मार्कशीट + प्रोविजनल सर्टिफिकेट या मूल प्रमाण पत्र । 3- लॉ का अंतिम साल का मार्कशीट +प्रो...