निरक्षरता का कलंक जेल तक
वकालत में आने से पहले कई स्तर पर शाम की पाठशाला के माध्यम से प्रौढ़ शिक्षा पर काम कर चुका था, मैं, गांव गांव जब शिक्षा जागरूकता कार्यक्रम चला रहा था, जिसमे जमुई,मोतिहारी,सीतामढ़ी ,मुजफ्फरपुर,पूर्णिया,कटिहार,किशनगंज,अररिया, भागलपुर एवम अन्य कई जिलों में शिक्षा जागरूकता कार्यक्रम शाम की पाठशाला माध्यम से कर चुका था मैं। फोटो - आदिवासी इलाके में शिक्षा जागरूकता पूर्णिया पूर्व मुख्यमंत्री स्व भोला पासवान शास्त्री जी के परिजनों के बीच शाम की पाठशाला। फोटो सीतामढ़ी आदरणीय ऋतु जायसवाल जी उद्घाटन करती हुई। तभी अनपढ़ होना गांव वाले अभिश्राप मानते थे, और मारपीट और अन्य कारण शिक्षा का अभाव मानते, फिर जब जेल /सुधारगृह में पहली बार जेल सुधार अभियान कार्यक्रम चलाया ,जिसमे राष्ट्रपति पुरस्कृत श्री मिथिलेश राय जी का, अक्षय शर्मा जी का जेल अधीक्षक ई जितेंद्र सर का भरपूर सहयोग मिला, उस समय में भी देखा जो जेल के अंदर बंद है उसमे से आधे से ज्यादा ग्रामीण परिवेश से थे और सीधे तौर पर उन्हे अनपढ़ कहा जा...