पूर्णिया की विभा दीदी

बिहार / पुर्णिया की विभा दीदी उन सभी महिलाओ के लिये प्रेरणास्रोत्र हैं जो ये समझती हैं कि शादी और परिवार बढ़ने के बाद पढ़ाई बंद हो जाती हैं, और वो स्वरोजगार नहीं कर सकती हैं, पढाई के प्रति इनकी मेहनत और लगन देख कर हम सब काफी प्रभावित हैं,  दो छोटे छोटे बच्चे के साथ ही साथ परिवार को संभालती हैं,तो दूसरे तरफ अपनी पढ़ाई जारी रखे हुए हैं, पढ़ाई करने के लिए एक लंबी दूरी भी तय करती हैं इन्होंने बताया कि रोजाना 7 से 8 किलोमीटर दुरी तय कर अपने बस्ती शिवनगर वार्ड 10 लालगंज रोड से पढाई करने रोजाना आती हूँ, सुबह 6 बजे से पढ़ाई करने जाने वक्त मेरे दोनों छोटे बच्चे मेरे बिना नहीं रह पाते हैं, पढाई के वक़्त मेरे पति उनका पूरा ख्याल रखते हैं, सभी के लिए और पहले उठ कर नाश्ता बना देती हूँ,एक बेटी हैं, थोड़ी बड़ी हो गई हैं, स्कूल जाने लगी हैं ,मेरी परेशानी देख समझ जाती हैं ,और अपने छोटे भाई का ख्याल रखती हैं, पढाई से आने के बाद घर का काम काज खत्म कर,कई महिलाओ को स्वरोजगार से जोड़ रही हूँ जिसमे उन्हें जूट ,सिलाई,कढ़ाई का प्रशिक्षण देती हूँ, और प्रशिक्षण प्राप्त महिलाओ से जुट से निर्मित सामग्री को स्थानीय बाजार में लाने की तैयारी में हूँ, इन सब कामो में मेरे पति मेरा पूरा साथ देते हैं, वो भी कामगार हैं , स्थानीय बाजार में बक्सा निर्माण का कार्य करते हैं, मेरा हौसला मेरे पति और मेरे बच्चे हैं।

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